Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
वेजाइनल इचिंग कà¥à¤¯à¤¾ है? Vaginal itching kya hai
योनि में खà¥à¤œà¤²à¥€ कई कारणों से हो सकती है। यह महिलाओं को बेहद अनकमà¥à¤«à¤°à¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤² और पेनफà¥à¤² à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ देती है। यह खà¥à¤œà¤²à¥€ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨, रजोनिवृतà¥à¤¤à¤¿ (मीनोपॉज) यानी पीरियडà¥à¤¸ का बंद होना या वेजाइनल डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ के कारण हो सकती है। इसके अलावा सà¥à¤•िन से रिलेटेड डिजीज और सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड डिजीज से वेजाइनल इचिंग की पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® हो सकती है। यदि वेजाइना में इचिंग लगातार à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ या उससे अधिक समय तक बनी रहती है तो इसे डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ को दिखाना चाहिà¤à¥¤
वेजाइनल इचिंग के कारण | vaginal itching ke karan
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² वेजाइनोसिस: योनि में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ मिशà¥à¤°à¤£ होता है। जब योनि में अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की तà¥à¤²à¤¨à¥€ में खराब बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है तो इससे इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने लगता है। इसके कारण वेजाइना में खà¥à¤œà¤²à¥€, सूजन, जलन, डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ और दà¥à¤°à¥à¤—ंध की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है।
सेकà¥à¤¸à¥à¤…ल टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड डिजीज: यौन संचारित रोगों में कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾, गोनोरिया या टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤•ोमोनिà¤à¤¸à¤¿à¤¸ शामिल है। इनके कारण योनि में खà¥à¤œà¤²à¥€ और जलन होने लगती है।
यीसà¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨: यह वेजाइना में होने वाली इचिंग का सबसे सामानà¥à¤¯ कारण है। वेजाइना में यीसà¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ तब होता है जब कैंडिडा का अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• विकास होता है। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का फंगल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ है। यह पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी, अनियमित सेकà¥à¤¸, कमजोर इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® और à¤à¤‚टीबायोटिक के कारण होता है।
मेनोपॉज: इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में महिलाओं मे पीरियडà¥à¤¸ आने बंद हो जाते हैं। यह तब होता है जब महिलाओं के रीपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ ईयर के अंत में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ कम पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥à¤¯à¥‹à¤¸ होने लगता है। इसके कारण खà¥à¤œà¤²à¥€ और जलन होने लगती है। मेनोपॉज à¤à¤• नेचà¥à¤°à¤² बायोलॉजिकल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। 45-50 साल की उमà¥à¤° में महिलाओं में मेनोपॉज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बनती है।
रासायनिक कारण: वेजाइनल à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की कà¥à¤°à¥€à¤® का उपयोग करने से, कंडोम के कारण, गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤°à¥€à¤®, वेजाइनल à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की सफाई के लिठउपयोग किठजाने वाले डिटरà¥à¤œà¥‡à¤‚ट, साबà¥à¤¨, सà¥à¤—ंधित टॉयलेट पेपर या डूश का उपयोग करने से योनि में जलन पैदा हो सकती है।
लाइकेन सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸: इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर सफेद धबà¥à¤¬à¥‡ बनते हैं। वेजाइनल à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ पैच बन सकते हैं। इसके अलावा à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ या सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ दवाओं के कारण, टाइट कपड़े पहनने के कारण, कैंसर या सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ वेजाइना, डायबिटीज और सà¥à¤•िन रिलेटेड इशà¥à¤¯à¥‚ जैसे लाइकेन पà¥à¤²à¥‡à¤¨à¤¸ या वेजाइनिटिस योनि में खà¥à¤œà¤²à¥€ पैदा कर सकते हैं।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ से संबंधित रोग: तà¥à¤µà¤šà¤¾ से संबंधित रोग जैसे à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ और सोरायसिस के कारण योनि में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने लगती है।
तनाव: किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के मानसिक तनाव के कारण पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ पारà¥à¤Ÿ में खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है। यह बेहद सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है।
वà¥à¤²à¥à¤µà¤° कैंसर: वलà¥à¤µà¤¾ कैंसर महिलाओं के इंटीमेट पारà¥à¤Ÿ के सबसे बाहरी हिसà¥à¤¸à¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है जो मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— और योनि को घेरता है। इसमें लेबिया और लिकà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¤¿à¤¸ शामिल हैं। यह योनि में खà¥à¤œà¤²à¥€ का कारण हो सकता है। योनि में होने वाली इस पà¥à¤°à¤•ार की खà¥à¤œà¤²à¥€ और रैश वà¥à¤²à¥à¤µà¤° कैंसर के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
रात में योनि में अधिक खà¥à¤œà¤²à¥€ के कारण rat ke samay vagina me hone wali tej khujli ke karan
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² वेजाइनोसिस
यौन संचारित रोग के कारण
योनि का सूखापन या पसीने के कारण
à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ या डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कारण
सोरायसिस के कारण
वेजाइनल इचिंग के टेसà¥à¤Ÿ | vaginal itching ke test
वेजाइनल इचिंग के इलाज के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° सबसे पहले आपसे खà¥à¤œà¤²à¥€ के सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में पूछते हैं। इसके बाद आपके पैलà¥à¤µà¤¿à¤• की जांच करते हैं। पैलà¥à¤µà¤¿à¤• की जांच के दौरान वेजाइना में à¤à¤• सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤¯à¥à¤²à¤® डाला जाता है और पेट को नीचे दबाते हà¥à¤ वेजाइना में दो उंगलियां डाली जाती हैं। इससे डॉकà¥à¤Ÿà¤° महिला के पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों में होने वाली किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ की जांच करते हैं। गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° वेजाइना से सà¥à¤•िन का सैंपल à¤à¥€ लेते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |